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सोनपुर को मिलेगा मरीन ड्राइव और हरिहरनाथ कॉरिडोर, CM सम्राट चौधरी ने विकास योजनाओं की खोली झड़ी

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बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोनपुर में सहयोग शिविर के दौरान मरीन ड्राइव की तर्ज पर गंगा अंबिका पथ, बाबा हरिहरनाथ कॉरिडोर, टाउनशिप, कॉलेज और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर कई बड़ी घोषणाएं कीं।

पटना/आलम की खबर: बिहार के सोनपुर को आधुनिक शहर के रूप में विकसित करने की दिशा में राज्य सरकार ने कई बड़ी योजनाओं का ऐलान किया है। Samrat Choudhary ने मंगलवार को सोनपुर के डुमरी बुजुर्ग पंचायत में आयोजित “सहयोग शिविर” कार्यक्रम के दौरान विकास, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और उद्योग से जुड़ी कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने सोनपुर को गोद लेने का जो सपना देखा था, अब वह धीरे-धीरे जमीन पर उतरता दिखाई दे रहा है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने सबसे बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि सोनपुर में पटना के मरीन ड्राइव की तर्ज पर “गंगा अंबिका पथ” का निर्माण कराया जाएगा। इसके साथ ही बाबा हरिहरनाथ कॉरिडोर, आधुनिक टाउनशिप और शहरी सुविधाओं को विकसित करने की योजना पर भी तेजी से काम किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य सोनपुर को आने वाले वर्षों में बिहार के सबसे विकसित और आधुनिक क्षेत्रों में शामिल करना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सोनपुर की भौगोलिक और धार्मिक पहचान इसे विकास की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण बनाती है। यहां मौजूद ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़कर पर्यटन को भी बढ़ावा दिया जाएगा। बाबा हरिहरनाथ मंदिर क्षेत्र को कॉरिडोर के रूप में विकसित करने से श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। सरकार का मानना है कि इससे स्थानीय व्यापार और रोजगार के अवसरों में भी बढ़ोतरी होगी।

सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकार बिहार को केवल सड़कों और भवनों तक सीमित विकास नहीं देना चाहती, बल्कि गांवों और छोटे शहरों को भी आधुनिक सुविधाओं से जोड़ना चाहती है। उन्होंने कहा कि “दिल्ली के नोएडा जैसी व्यवस्था बिहार में तैयार करनी है।” मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि विकास परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण से डरने की जरूरत नहीं है। सरकार जरूरत पड़ने पर बाजार मूल्य से चार गुना तक मुआवजा देने के लिए तैयार है।

सहयोग शिविर कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर भी कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा शुरू किए गए सहयोग पोर्टल और हेल्पलाइन नंबर 1100 के माध्यम से अब कोई भी नागरिक अपनी शिकायत सीधे सरकार तक पहुंचा सकता है। शिकायत दर्ज होने के बाद संबंधित विभाग पर लगातार निगरानी रखी जाएगी और तय समयसीमा के भीतर समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि शिकायत मिलने के बाद 10 दिनों में पहला नोटिस, 20 दिनों में दूसरा और 25वें दिन अंतिम नोटिस जारी किया जाएगा। यदि इसके बाद भी 30 दिनों के भीतर समस्या का समाधान नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारी को स्वतः निलंबित कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि चाहे मामला अंचल कार्यालय का हो, ब्लॉक स्तर का हो या थाना स्तर का, किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

कार्यक्रम के दौरान शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी मुख्यमंत्री ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि जुलाई महीने से उन सभी प्रखंडों में डिग्री कॉलेज खोलने की प्रक्रिया शुरू होगी जहां अब तक उच्च शिक्षा की सुविधा उपलब्ध नहीं है। सरकार का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराना है ताकि उन्हें पढ़ाई के लिए दूर शहरों की ओर पलायन न करना पड़े।

सम्राट चौधरी ने यह भी दावा किया कि बिहार में सरकारी स्कूलों की स्थिति को इतना बेहतर बनाया जाएगा कि नेताओं और अधिकारियों के बच्चे भी उन्हीं स्कूलों में पढ़ाई करना चाहेंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और आने वाले समय में स्कूलों के ढांचे, शिक्षकों की गुणवत्ता और आधुनिक संसाधनों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक सख्ती का संकेत दिया। उन्होंने कहा कि अब छोटी-मोटी बीमारियों के लिए मरीजों को सीधे पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल यानी पीएमसीएच रेफर करने की प्रवृत्ति पर रोक लगाई जाएगी। यदि बिना जरूरत मरीजों को पटना भेजा गया तो संबंधित सिविल सर्जन के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सरकार चाहती है कि जिला और अनुमंडल स्तर के अस्पतालों को इतना मजबूत बनाया जाए कि लोगों को अपने ही क्षेत्र में बेहतर इलाज मिल सके।

मुख्यमंत्री ने उद्योग और रोजगार के क्षेत्र में भी सरकार की प्राथमिकताओं को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि बिहार में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए नई नीतियों पर काम किया जा रहा है ताकि युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में पलायन न करना पड़े। सरकार की कोशिश है कि राज्य में स्थानीय स्तर पर रोजगार के अधिक अवसर पैदा हों और गांवों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो।

उन्होंने जीविका समूहों का जिक्र करते हुए कहा कि बिहार की महिलाएं आज आर्थिक क्षेत्र में नई पहचान बना रही हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार जीविका समूहों के माध्यम से महिलाएं करीब 1 लाख 20 हजार करोड़ रुपये का कारोबार कर रही हैं, जो बिहार की आर्थिक ताकत और महिला सशक्तिकरण का बड़ा उदाहरण है।

कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने मुख्यमंत्री की घोषणाओं का स्वागत किया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि योजनाएं समय पर जमीन पर उतरती हैं तो सोनपुर की तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है। खासकर गंगा अंबिका पथ और हरिहरनाथ कॉरिडोर जैसी परियोजनाओं से पर्यटन और व्यापार को नया बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

हालांकि अब लोगों की नजर इस बात पर टिकी हुई है कि सरकार द्वारा घोषित योजनाएं कितनी तेजी से धरातल पर उतरती हैं। क्योंकि बिहार में कई बार बड़ी घोषणाएं तो होती हैं, लेकिन परियोजनाएं समय पर पूरी नहीं हो पातीं। ऐसे में सोनपुर के लोग उम्मीद कर रहे हैं कि इस बार विकास की तस्वीर वास्तव में बदलती नजर आएगी।

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